बीच मुकाबले के दौरान Cocaine लेना पड़ा भारी, इस खिलाड़ी का करियर तबाह, बोर्ड ने 2 साल के लिए किया सस्पेंड

Doug Bracewell cops two-year ban for using cocaine: न्यूजीलैंड के पूर्व ऑलराउंडर डग ब्रैसवेल को कोकीन के सेवन के मामले में दो साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह कार्रवाई इंग्लैंड के काउंटी चैम्पियनशिप मैच के दौरान ड्रग टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद की गई। यह घटना 25 सितंबर 2025 की है, जब ब्रैसवेल एसेक्स की तरफ से समरसेट के खिलाफ चेल्म्सफोर्ड में खेल रहे थे।

35 वर्षीय खिलाड़ी ने खुद स्वीकार किया कि उन्होंने मैच के पहले दिन के बाद और दूसरे दिन की सुबह के शुरुआती घंटों में Cocaine का सेवन किया था। इस स्वीकारोक्ति के बाद क्रिकेट रेगुलेटर ने उनके खिलाफ कड़ा कदम उठाया।

रिटायरमेंट के बावजूद ब्रैसवेल को मिली सजा

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ड्रग टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद ब्रैसवेल ने 28 दिसंबर 2025 को अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। हालांकि, उनके रिटायरमेंट के बावजूद क्रिकेट रेगुलेटर ने उन्हें दो साल का प्रतिबंध सुनाया। यह बैन 24 नवंबर 2025 से प्रभावी माना गया है, जो 23 नवंबर 2027 तक चलेगा।

इस दौरान ब्रैसवेल किसी भी तरह के क्रिकेट मैच, ट्रेनिंग या आधिकारिक गतिविधि में भाग नहीं ले सकेंगे। रेगुलेटर का यह फैसला साफ संदेश देता है कि ड्रग नियमों का उल्लंघन कितना गंभीर है, चाहे खिलाड़ी रिटायर हो चुका हो या नहीं।

पहले भी Cocaine के सेवन में पाए गए हैं दोषी

गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब ब्रैसवेल Cocaine के कारण विवादों में आए हैं। इससे पहले भी 2024 में न्यूजीलैंड के घरेलू टूर्नामेंट Super Smash के दौरान ड्रग टेस्ट में फेल होने पर उन्हें एक महीने का बैन झेलना पड़ा था। बार-बार Cocaine सेवन के मामलों ने उनके करियर पर गहरा असर डाला और अंततः उन्हें क्रिकेट छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।

ऐसे लगातार मामले न सिर्फ खिलाड़ी की फिटनेस और प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं बल्कि उनकी मानसिक स्वास्थ्य स्थिति पर भी सवाल उठाते हैं। Cocaine जैसी लत से जुड़ी समस्याएं खेल जगत में बढ़ती जा रही हैं, जिसके कारण कई बोर्ड खिलाड़ियों के लिए काउंसलिंग और सपोर्ट प्रोग्राम चला रहे हैं। ब्रैसवेल का मामला इस समस्या का एक और उदाहरण बन गया है।

शानदार करियर पर लगा दाग

डग ब्रैसवेल का क्रिकेट करियर कई शानदार पलों से भरा रहा है। उन्होंने न्यूजीलैंड के लिए सभी फॉर्मेट में कुल 69 मैच खेले। उनका सबसे यादगार प्रदर्शन 2011 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होबार्ट टेस्ट में आया था, जहां उन्होंने दूसरी पारी में 6 विकेट लेकर टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी। यह जीत न्यूजीलैंड की 1985 के बाद ऑस्ट्रेलियाई धरती पर पहली टेस्ट जीत थी।

ब्रैसवेल एक उपयोगी ऑलराउंडर थे जो बल्लेबाजी में उपयोगी योगदान देते थे और गेंदबाजी में तेज रफ्तार के साथ विकेट चटकाते थे। न्यूजीलैंड की टीम में उन्होंने कई महत्वपूर्ण मैचों में भूमिका निभाई थी। घरेलू क्रिकेट में भी एसेक्स के लिए खेलते हुए उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया था। लेकिन Cocaine से जुड़े मामलों ने उनके इस शानदार करियर पर दाग लगा दिया।

एसेक्स ने Cocaine के लिए दो साल के बैन का किया समर्थन

एसेक्स क्लब ने अपने बयान में कहा कि वे इस व्यवहार का समर्थन नहीं करते, लेकिन खिलाड़ी के पुनर्वास में मदद करेंगे। क्लब ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में टीम पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। एसेक्स ने अपने आधिकारिक बयान में कहा,

“डग ब्रैसवेल सितंबर 2025 में नियमित ड्रग टेस्ट में फेल हुए थे। क्लब क्रिकेट रेगुलेटर के फैसले का सम्मान करता है। हम अपने खिलाड़ियों से उच्चतम पेशेवर मानकों की अपेक्षा करते हैं।”

हालांकि क्लब ने उनके व्यवहार की निंदा की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि वे ब्रैसवेल को सुधार और पुनर्वास के लिए पूरा सहयोग देंगे। यह मामला एक बार फिर खेल जगत में ड्रग्स, खासकर Cocaine के बढ़ते प्रभाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

35 वर्षीय ने स्वीकार की सजा

ब्रैसवेल ने इस सजा को स्वीकार कर लिया है और अब उनका पूरा ध्यान व्यक्तिगत सुधार, लत से मुक्ति और जीवन को नई दिशा देने पर है। कई पूर्व खिलाड़ी और विशेषज्ञ इस मामले पर चर्चा कर रहे हैं कि युवा क्रिकेटरों को ड्रग्स के खतरे के बारे में जागरूक करना और उनके मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना कितना जरूरी है।