
इंग्लैंड के तेज गेंदबाज Jofra Archer एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के लिए इंग्लैंड टीम से बाहर किए जाने के बाद पूर्व इंग्लिश बल्लेबाज Mark Butcher ने आर्चर और इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड दोनों पर जमकर निशाना साधा है। बुचर ने साफ शब्दों में कहा कि आईपीएल खेलने के बाद टेस्ट मैच से आराम देना “पूरी तरह हास्यास्पद” फैसला है।
इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने 4 जून से लॉर्ड्स में शुरू होने वाले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए 15 सदस्यीय टीम का ऐलान किया, लेकिन उसमें आर्चर का नाम नहीं था। टीम मैनेजमेंट का कहना है कि आईपीएल से लौटने के बाद उनके वर्कलोड को मैनेज करने के लिए उन्हें आराम दिया गया है।
हालांकि, मार्क बुचर इस तर्क से बिल्कुल सहमत नहीं दिखे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कोई खिलाड़ी इंग्लैंड के साथ सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में है, तो उसे देश के लिए खेलने से ज्यादा प्राथमिकता आईपीएल को क्यों दी जा रही है।
बुचर ने कहा कि अगर खिलाड़ी को आराम देना ही है, तो उसे आईपीएल से वापस बुलाया जाना चाहिए था, न कि इंग्लैंड के टेस्ट मैच से बाहर रखकर विदेशी लीग खेलने की छूट दी जाए। उन्होंने इसे क्रिकेट की प्राथमिकताओं पर बड़ा सवाल बताया।
पूर्व बल्लेबाज ने यह भी कहा कि इंग्लैंड के खिलाड़ियों को पहले से ही भारी सैलरी मिलती है, इसलिए उनके लिए देश के लिए खेलना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के Heinrich Klaasen का उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ खिलाड़ी आर्थिक कारणों से इंटरनेशनल क्रिकेट छोड़ते हैं, लेकिन इंग्लैंड के खिलाड़ियों के साथ ऐसी स्थिति नहीं है।
बुचर ने आईपीएल के नियमों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट तोड़ता है तो उस पर दो साल का बैन लग जाता है, लेकिन इंग्लैंड के खिलाड़ी अपने राष्ट्रीय मैच छोड़कर आईपीएल खेल सकते हैं। उनके मुताबिक यह दोहरा रवैया समझ से परे है।
गौरतलब है कि आर्चर ने लंबे चोटिल दौर के बाद 2025 में टेस्ट क्रिकेट में वापसी की थी। उन्होंने भारत के खिलाफ सीरीज और फिर एशेज में भी हिस्सा लिया, लेकिन साइड स्ट्रेन की समस्या के कारण उन्हें कई मैच मिस करने पड़े थे।
अब सोशल मीडिया पर फैंस भी दो हिस्सों में बंट गए हैं। कुछ लोग खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई फैंस का मानना है कि इंटरनेशनल क्रिकेट को फ्रेंचाइजी लीग से ऊपर रखा जाना चाहिए।